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Amar sandesh नई दिल्ली।हिंदुस्तान ने एक बार फिर समंदर में अपनी ताकत का परचम बुलंद कर दिया है। देश में बनी आधुनिक स्टील्थ जंगी जहाज़ आईएनएस तारागिरी अब भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल हो चुकी है,और खास बात ये कि इसकी ताकत की रीढ़ बना है पूरी तरह स्वदेशी इस्पात।
इस जंगी फ्रिगेट का निर्माण देश की प्रमुख शिपयार्ड कंपनी Mazagon Dock Shipbuilders Limited ने किया है, जिसमें करीब 4,000 टन स्पेशल ग्रेड स्टील का इस्तेमाल हुआ और ये स्टील दिया है देश की महारत्न कंपनी Steel Authority of India Limited ने।
देशी इस्पात की ताकत बनी ‘तारागिरी’ की ढालतारागिरी सिर्फ एक युद्धपोत नहीं, बल्कि भारत की औद्योगिक ताकत और तकनीकी आत्मनिर्भरता का जीता-जागता उदाहरण है।
इसमें इस्तेमाल हुआ हाई-टेक स्टील तैयार किया गया SAIL के बोकारो, भिलाई और राउरकेला प्लांट्स में—जो हर चुनौती का सामना करने में सक्षम है।
प्रोजेक्ट 17A: नई पीढ़ी के खतरनाक स्टील्थ जहाज़
आईएनएस तारागिरी, Project 17A के तहत तैयार चौथा स्टील्थ फ्रिगेट है।
इससे पहले तीन और जहाज़, INS Nilgiri, INS Himgiri, INS Udaygiriभी नौसेना की ताकत बढ़ा चुके हैं।
‘आत्मनिर्भर भारत’ को समंदर में नई ताकत
SAIL पहले भी देश के गौरव INS Vikrant जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए स्टील सप्लाई कर चुका है।
अब तारागिरी के शामिल होने से साफ है कि भारत न सिर्फ जमीन पर, बल्कि समंदर में भी आत्मनिर्भर बन रहा है।
क्यों खास है INS तारागिरी?
दुश्मन की रडार से बचने वाली स्टील्थ टेक्नोलॉजीहाई-एंड मिसाइल और हथियार सिस्टमसमुद्र में लंबी दूरी तक ऑपरेशन की क्षमता,पूरी तरह ‘मेड इन इंडिया’ तकनीक और संसाधन।
तारागिरी का नौसेना में शामिल होना सिर्फ एक जहाज़ का जुड़ना नहीं, बल्कि भारत की ताकत, तकनीक और आत्मनिर्भरता का ऐलान है।अब हिंदुस्तान का समंदर भी “मेड इन इंडिया” की ताकत से गूंजेगा।
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