Amar sandesh नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक Bank of India ने गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) के प्रभावी समाधान और उधारकर्ताओं को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से ‘मेगा समझौता अभियान’ प्रारंभ किया है। इस विशेष अभियान के माध्यम से एनपीए खाताधारकों को अपने लंबित ऋण खातों का सरल और त्वरित समाधान करने का अवसर प्रदान किया जा रहा है।
बैंक सूत्रों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस अभियान के अंतर्गत पात्र उधारकर्ताओं को अपने बकाया ऋण खातों के एकमुश्त निपटान (सेटलमेंट) का लाभ उठाने का अवसर मिलेगा। अभियान के दौरान प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने के साथ-साथ पूर्ण सेटलमेंट करने वाले ग्राहकों को अतिरिक्त लाभ भी प्रदान किए जाएंगे।
यह विशेष मेगा समझौता अभियान 16 मार्च 2026 से 20 मार्च 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इस अवधि के दौरान पात्र उधारकर्ता अपने निकटतम बैंक ऑफ इंडिया शाखा में जाकर बैंक अधिकारियों से संपर्क कर अपने एनपीए खातों के समाधान की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
बैंक उच्च सूत्रों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य उधारकर्ताओं को अपने खातों को व्यवस्थित करने, वित्तीय स्थिति को स्पष्ट करने और बैंकिंग प्रणाली के साथ पुनः सकारात्मक रूप से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस अभियान के दौरान बैंक के अधिकारी ग्राहकों को आवश्यक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराएंगे ताकि वे निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से अपने खातों का निपटान कर सकें।
बैंक प्रबंधन ने एनपीए खाताधारकों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाते हुए अभियान अवधि के भीतर अपनी निकटतम बैंक ऑफ इंडिया शाखा से संपर्क करें और अपने लंबित ऋण खातों का समाधान कर वित्तीय स्पष्टता के साथ आगे बढ़ें।