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संघर्ष, संवेदना और सृजन की मिसाल : -प्रतिक्षा गाँगुली नाथ

‘शिवोहम प्रकाशन’ के माध्यम से अनेक रचनाकारों को मिल रहा नया मंच

Amar sandesh दिल्ली।साहित्य के क्षेत्र में कई ऐसे व्यक्तित्व होते हैं, जो स्वयं के साथ-साथ अनेक अन्य रचनाकारों की प्रतिभा को भी आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं। शिवोहम प्रकाशन की प्रकाशक प्रतिक्षा गाँगुली नाथ भी ऐसा ही एक प्रेरणादायी नाम हैं, जो साहित्य-जगत में अपनी सक्रियता, समर्पण और रचनात्मक दृष्टि के लिए जानी जाती हैं।

प्रतिक्षा गाँगुली नाथ कई वर्षों से लेखन और प्रकाशन के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही हैं। अपने अनुभव, मार्गदर्शन और सकारात्मक सोच के माध्यम से उन्होंने अनेक उभरते हुए रचनाकारों को आगे बढ़ने का अवसर दिया है। उनके प्रयासों से कई लेखकों को अपनी रचनाओं को पाठकों तक पहुँचाने का मंच मिला है, जिससे साहित्य की नई प्रतिभाओं को पहचान मिल रही है।

साहित्यिक क्षेत्र के साथ-साथ प्रतिक्षा जी ने बैंकिंग क्षेत्र में भी कार्य किया है। बैंकिंग के अनुभव ने उनके व्यक्तित्व में अनुशासन, कार्यकुशलता और जिम्मेदारी की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया है। यही गुण उनके प्रकाशन कार्य में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं।

प्रतिक्षा गाँगुली नाथ बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैं। उन्हें कंप्यूटर, ग्राफिक डिज़ाइनिंग और गायन में भी विशेष रुचि है। उनकी यह रचनात्मक रुचियाँ उनके व्यक्तित्व को और अधिक संतुलित तथा सृजनशील बनाती हैं। साहित्य, तकनीक और कला इन तीनों क्षेत्रों के प्रति उनका झुकाव उन्हें एक विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।

मूल रूप से बिहार की निवासी प्रतिक्षा गाँगुली नाथ वर्तमान में अपने परिवार के साथ कोलकाता में निवास कर रही हैं।पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ उन्होंने अपने साहित्यिक और प्रकाशन कार्य को भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ आगे बढ़ाया है।

उनका जीवन इस बात का सजीव उदाहरण है कि कई बार जिन कार्यों को हम आरंभ में अपनाना नहीं चाहते, वही आगे चलकर हमारी पहचान बन जाते हैं। लेखन और प्रकाशन के क्षेत्र में उनका प्रवेश भी कुछ इसी प्रकार हुआ, लेकिन आज यही क्षेत्र उनकी पहचान और उनकी उपलब्धियों का आधार बन चुका है।

अपनी मेहनत, संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच के बल पर प्रतिक्षा गाँगुली नाथ ने शिवोहम प्रकाशन को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। आज वे अनेक लेखकों के लिए प्रेरणा, सहयोग और विश्वास का एक मजबूत आधार बन चुकी हैं।

साहित्य-जगत में उनका यह योगदान न केवल सराहनीय है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।shivohamphouse16@gmail.com

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