सहस्त्रधारा में बादल फटने से तबाही, पुल और सड़कें बहीं, कई लोग लापता
दिल्ली/देहरादून,। राजधानी देहरादून में सहस्त्रधारा क्षेत्र में देर रात बादल फटने से भारी तबाही मच गई। मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर हैं और कई इलाकों में पानी घुस गया है। सहस्त्रधारा और आसपास के क्षेत्रों में दुकानों और होटलों को भारी नुकसान पहुँचा। करलिगाड़ नदी के तेज बहाव में कई दुकानें बह गईं और दो होटल जमींदोज हो गए। मुख्य बाजार में मलबा घुसने से दर्जनों वाहन दब गए और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को क्षति पहुँची।
मसूरी के झड़ीपानी टोल पर भूस्खलन से दो मजदूर मलबे में दब गए, जिनमें से एक की मौत हो गई और दूसरा घायल है। मजाड़ा क्षेत्र में भूस्खलन से एक युवक दब गया, जबकि करलिगाड़ इलाके से दो लोग लापता बताए जा रहे हैं। डोईवाला में कई घरों में पानी भर गया। चंद्रभागा नदी में फंसे तीन लोगों को एसडीआरएफ ने सुरक्षित बाहर निकाला। प्रेमनगर के पास नंदा की चौकी पर राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा टूट गया और मसूरी-देहरादून मार्ग, कोल्हुखेत व झड़ीपानी टोल के पास सड़कें ध्वस्त हो गईं। पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी को जोड़ने वाला पुल बह गया, जिसके चलते विश्वविद्यालय को छुट्टी घोषित करनी पड़ी। देहरादून-हरिद्वार हाईवे पर लालटप्पा के पास जाकन नदी का पानी पुल के ऊपर तक पहुँच गया।
ताज़ा जानकारी के अनुसार मालदेवता और रायपुर क्षेत्रों में भी भारी नुकसान हुआ है। मालदेवता में करीब सौ मीटर लंबी सड़क बह गई। देवभूमि इंस्टिट्यूट (पौंडा) में लगभग 200 छात्र फँस गए थे जिन्हें बचाव दलों ने सुरक्षित बाहर निकाला। तपकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में बाढ़ का पानी और मलबा भर गया, जिससे प्रांगण और आसपास का हिस्सा डूब गया, हालांकि मंदिर का मुख्य गर्भगृह सुरक्षित है। पुलिस और एसडीआरएफ ने पाँच लोगों को swollen नदियों से रेस्क्यू किया है।
अब तक मसूरी क्षेत्र में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि सहस्त्रधारा इलाके में दो लोगों के लापता होने की सूचना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री से बातचीत कर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। मौसम विभाग ने देहरादून, हरिद्वार और टिहरी समेत कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
