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बैंकिंग व्यवस्था को और अधिक सशक्त, समावेशी एवं तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री रजनीश कर्नाटक के नेतृत्व में बैंक ने वित्तीय स्थिरता, ग्राहक सेवा और डिजिटल बैंकिंग को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है।
श्री कर्नाटक के अनुसार बैंक का फोकस मजबूत जमा आधार, संतुलित ऋण विस्तार तथा जोखिम-संवेदनशील बैंकिंग पर है। चालू वित्तीय अवधि में बैंक ने ग्राहक संख्या बढ़ाने और बचत एवं चालू खातों (CASA) को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पहल की है, जिससे बैंक की वित्तीय स्थिति और अधिक सुदृढ़ हुई है।
बैंक ऑफ इंडिया ने डिजिटल बैंकिंग, फिनटेक सहयोग और तकनीकी नवाचार को अपनाते हुए ग्राहकों को सरल, सुरक्षित और तेज़ सेवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। इसके साथ-साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME), स्वयं सहायता समूहों तथा प्राथमिकता क्षेत्र को ऋण सहायता प्रदान करने पर भी विशेष बल दिया जा रहा है, जिससे रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को गति मिले।
श्री रजनीश कर्नाटक ने यह भी स्पष्ट किया है कि बैंक की नीति वित्तीय अनुशासन, गुणवत्तापूर्ण परिसंपत्ति प्रबंधन और दीर्घकालिक विकास पर आधारित है। बैंक भविष्य में डिजिटल नवाचार, ग्राहक-केंद्रित उत्पादों और वित्तीय समावेशन के माध्यम से देश की आर्थिक प्रगति में सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा।
बैंक ऑफ इंडिया की यह रणनीति न केवल बैंकिंग क्षेत्र को मजबूती प्रदान करेगी, बल्कि “समावेशी विकास” और “डिजिटल भारत” के राष्ट्रीय लक्ष्यों को भी साकार करने में सहायक सिद्ध होगी।
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