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बढ़ा बजट, बढ़ा भरोसा – रामदास अठावले

कल्याण का बढ़ता दायरा: करोड़ों का बढ़ा बजट, अब हर जरूरतमंद तक पहुंचेगी योजनाओं की ताकत — रामदास अठावले

Amar sandesh नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी पंचायत संसद में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने लोकसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से बताया कि अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों एवं सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के बजटीय आवंटन में निरंतर वृद्धि की गई है।

उन्होंने जानकारी दी कि विभाग की सभी योजनाओं का कुल बजट वर्ष 2021-22 के 10,100.62 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 13,950.68 करोड़ रुपये हो गया है, जो सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।।

अनुसूचित जातियों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना को वर्ष 2025-26 में 6360 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (PM-AJAY) के लिए 2140 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय फेलोशिप, राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति, उच्च शिक्षा योजनाएं, प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति, आवासीय शिक्षा (SRESHTA), मैला ढोने वालों के पुनर्वास, कौशल विकास तथा वेंचर कैपिटल फंड जैसी योजनाओं को भी निरंतर सुदृढ़ किया गया है।

सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत अटल वयो अभ्युदय योजना, मादक पदार्थों की मांग में कमी हेतु राष्ट्रीय कार्य योजना, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए योजना तथा भिखारियों के पुनर्वास कार्यक्रम (SMILE) के लिए भी वर्ष 2025-26 में कुल 993.29 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

वहीं, पिछड़े वर्गों के लिए पूर्व एवं पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति, छात्रावास, उच्च श्रेणी विद्यालय एवं महाविद्यालय, विदेश अध्ययन हेतु शिक्षा ऋण पर ब्याज सब्सिडी, राष्ट्रीय फेलोशिप तथा SEED योजना जैसी पहलों के लिए कुल 2565.24 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

श्री अठावले ने बताया कि बढ़े हुए आवंटन से कमजोर वर्गों को किफायती वित्त तक पहुंच, ऋण लागत में कमी, स्वरोजगार और आय सृजन को बढ़ावा मिलेगा। योजनाओं की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जागरूकता शिविर, कार्यशालाएं, डिजिटल पोर्टल, IEC सामग्री तथा प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। प्रदर्शनियों, मेलों और हितधारकों की सक्रिय भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए ‘एल्डरलाइन’ हेल्पलाइन और दिव्यांगजनों के लिए विशेष जागरूकता अभियानों को भी मजबूत किया गया है, ताकि सूचना और सेवाओं तक उनकी सहज पहुंच सुनिश्चित हो सके।।

निधियों के पारदर्शी और प्रभावी उपयोग के लिए एकल नोडल एजेंसी (SNA), SNA-स्पर्श फंड फ्लो सिस्टम, DBT तंत्र, उपयोगिता प्रमाणपत्र, नियमित समीक्षा, निरीक्षण और डिजिटल ट्रैकिंग को अनिवार्य किया गया है। साथ ही प्रदर्शन आधारित फंड जारी करने की व्यवस्था तथा समय-समय पर थर्ड पार्टी मूल्यांकन और ऑडिट भी सुनिश्चित किए गए हैं।

सरकार का विश्वास है कि इन ठोस कदमों से वित्तीय समावेशन में उल्लेखनीय सुधार होगा, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा और लक्षित वर्गों में उद्यमिता को नई ऊर्जा मिलेगी।

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