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“शहरी भारत में PNG क्रांति की रफ्तार तेज करने की तैयारी, 50 लाख नए कनेक्शन का लक्ष्य”

अमर चंद्र

दिल्ली।

नई दिल्ली। शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने PNG नेटवर्क के विस्तार को तेज करने का फैसला किया है। विज्ञान भवन में हुई उच्च स्तरीय बैठक में 50 लाख नए कनेक्शन देने का लक्ष्य तय किया गया।

बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों के मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों, नगर निकायों, सार्वजनिक उपक्रमों और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।बैठक में शहरी क्षेत्रों में बढ़ती ऊर्जा मांग के बीच स्वच्छ ईंधन के रूप में PNG की पहुंच बढ़ाने और सेवा वितरण को अधिक कुशल बनाने पर जोर दिया गया। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की प्रस्तुति में बताया गया कि PNG नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो रहा है, हालांकि नगर निकायों से अनुमति में देरी, राइट ऑफ वे (ROW) स्वीकृतियां और उच्च शुल्क जैसी चुनौतियां सामने आ रही हैं।

आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने PNG विस्तार को मिशन मोड में लागू करने की आवश्यकता बताते हुए एकल-खिड़की अनुमोदन प्रणाली, शहरी नियोजन में गैस अवसंरचना के समावेश और अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने 50 लाख नए PNG कनेक्शन उपलब्ध कराने के लक्ष्य को भी रेखांकित किया।

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि बदलते वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए PNG अवसंरचना का विस्तार जरूरी है। वहीं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति, कालाबाजारी रोकने और उपभोक्ताओं को LPG से PNG की ओर प्रोत्साहित करने पर बल दिया।

इस बैठक में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा और ओडिशा के मंत्रियों ने व्यक्तिगत रूप से भाग लिया, जबकि तेलंगाना, कर्नाटक और राजस्थान के प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से जुड़े। राज्य स्तर पर शहरी विकास और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभागों की सक्रिय भागीदारी बैठक की प्रमुख विशेषता रही।

बैठक में राज्यों और शहरी स्थानीय निकायों ने अनुमोदन प्रक्रियाओं को सरल बनाने, शुल्कों को युक्तिसंगत करने और बेहतर समन्वय स्थापित करने पर सहमति जताई। शहर-विशिष्ट कार्य योजनाएं तैयार करने, स्थानीय स्तर पर टास्क फोर्स गठित करने और नियमित निगरानी तंत्र लागू करने का भी निर्णय लिया गया।

PNG विस्तार का सीधा लाभ शहरों में रहने वाले लाखों उपभोक्ताओं को मिलेगा।
LPG सिलेंडर पर निर्भरता घटेगी,
रसोई गैस की सप्लाई अधिक सुरक्षित और निरंतर होगी,प्रदूषण में कमी आएगी
लंबी अवधि में खर्च भी कम हो सकता है।

गोलमेज बैठक के बाद CGD कंपनियों और नगर आयुक्तों के बीच अलग से चर्चा हुई, जिसमें परियोजनाओं में आ रही बाधाओं की पहचान कर समयबद्ध समाधान पर सहमति बनयह बैठक केवल समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि नीति, प्रशासन और उद्योग के बीच समन्वित कार्यवाही का रोडमैप तय करती नजर आई।PNG, LPG के मुकाबले सुरक्षित, सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प है।शहरीकरण की बढ़ती गति के साथ इसकी मांग तेजी से बढ़ेगीयदि अनुमोदन प्रक्रियाएं सरल होती हैं, तो CGD कंपनियां तेजी से विस्तार कर सकेंगी, ऐसे में GAIL और Indian Oil जैसी कंपनियों की सक्रिय भागीदारी यह संकेत देती है कि सरकार अब नीति से क्रियान्वयन के स्तर पर तेजी लाने के मूड में है।

इस बैठक को शहरी भारत में स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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