Post Views: 0
Amar sandesh नई दिल्ली, 22 फरवरी 2026 (रविवार)। उत्तराखंड सदन में स्वर्गीय किशन सिंह भैंसोड़ा (पूर्व सैनिक एवं पूर्व प्रधान, ग्राम चमतोला, जिला अल्मोड़ा) की पुण्यतिथि के अवसर पर होली संगोष्ठी एवं कुमाऊँनी होली गीत संग्रह पुस्तक का भव्य विमोचन गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना एवं पारंपरिक कुमाऊँनी होली गायन से हुआ, जिससे पूरा सभागार सांस्कृतिक रंग में सराबोर हो गया।
समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में विधायक पटपड़गंज दिल्ली रविन्द्र सिंह नेगी, उत्तराखंड प्रवासी राज्य मंत्री पूरन चंद्र नैनवाल, उत्तराखंड संस्कृति, साहित्य एवं कला परिषद की उपाध्यक्ष मधु भट्ट तथा मुख्यमंत्री उत्तराखंड के मीडिया सलाहकार एवं वरिष्ठ पत्रकार मदन मोहन सती सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का पारंपरिक स्वागत करते हुए पुस्तक का विधिवत विमोचन किया गया।
मुख्य अतिथि रविन्द्र सिंह नेगी ने अपने संबोधन में कहा कि इस पुस्तक के माध्यम से युवा पीढ़ी को उत्तराखंड की खड़ी होली से जोड़ने का सार्थक प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति कहीं भी रहे, अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव बनाए रखना चाहिए तथा समय-समय पर अपने पर्व-त्योहार मनाते रहना चाहिए। उन्होंने कुमाऊँ की होली की विशिष्ट परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह एक माह पूर्व से प्रारंभ होकर एकादशी से गांव-गांव में खड़ी होली के रूप में मनाई जाती है।
पूरन चंद्र नैनवाल ने कहा कि यह पुस्तक ‘कुमाऊँनी खड़ी होली’ जैसी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को नई पीढ़ी से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी और सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने प्रवासी समाज के बीच अपनी संस्कृति को जीवित रखने के इस प्रयास की सराहना की।
मधु भट्ट ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड सरकार संस्कृति के संवर्द्धन एवं संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा कुमाऊँ की होली का अपना विशिष्ट सांस्कृतिक महत्व है।
मदन मोहन सती ने होली के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कुमाऊँनी होली के गीतों में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं की झलक मिलती है। पुस्तक को स्वर्गीय किशन सिंह भैंसोड़ा को समर्पित देख वे भावुक हो उठे और अपने पिता के साथ खड़ी होली में जाने की स्मृतियों को साझा किया।
कार्यक्रम के आयोजक कुन्दन भैंसोड़ा (सामाजिक कार्यकर्ता, आरडब्ल्यूए प्रधान विनोद नगर एवं अध्यक्ष “म्यर पहाड़ उत्तराखंड समिति, दिल्ली”) ने बताया कि बीते वर्षों में कुमाऊँनी खड़ी होली का प्रचलन कम होता जा रहा है। इस परंपरा को संरक्षित रखने के उद्देश्य से यह पुस्तक तैयार की गई है, जिसे दिल्ली-एनसीआर की सामाजिक संस्थाओं एवं सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं को भेंट किया जाएगा, ताकि प्रवासी समाज भी इस सांस्कृतिक विरासत को निरंतर आगे बढ़ा सके। उन्होंने बताया कि यह पुस्तक उनके पूज्य पिताजी की डायरी में लिखे पारंपरिक होली गीतों पर आधारित है, जिन्हें वे अपने गाँव चमतोला में गाया करते थे।
ग्राम चमतोला के हिमाल कैसेट निर्माता-निर्देशक चंदन भैंसोड़ा ने कहा कि स्वर्गीय किशन सिंह भैंसोड़ा का जीवन संघर्ष, शिक्षा और समाज सेवा की प्रेरणादायक मिसाल रहा है। उन्होंने याद किया कि गांव में होली या रामलीला के आयोजन में उनकी मुख्य भूमिका रहती थी और वे रामलीला में परशुराम का पात्र निभाते थे।
वरिष्ठ साहित्यकार पूरन चंद्र कांडपाल ने कहा कि यह पुस्तक दिल्ली-एनसीआर में रह रहे लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का सुअवसर प्रदान करेगी।
सुरेंद्र हालसी (अध्यक्ष, कु. भा. सा. एवं सांस्कृतिक समिति) ने कहा कि इस पुस्तक के माध्यम से प्रवासी समाज कुमाऊँनी खड़ी होली का गायन कर अपनी संस्कृति को जीवित रख सकता है।
कार्यक्रम में शिव दत्त पंत द्वारा प्रस्तुत मधुर होली गायन ने वातावरण को पूरी तरह होलीमय बना दिया, जबकि वरिष्ठ रंगकर्मी एवं कुशल वक्ता हेम पंत ने होली गीतों और शायरी से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। मंच संचालन वरिष्ठ कवि नीरज बवाड़ी ने किया।
समारोह में मुख्य अतिथियों के अतिरिक्त अनेक विशिष्ट अतिथि, साहित्यकार, पत्रकार, समाजसेवी एवं सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से भुवन भट्ट अधिवक्ता , राजू पाण्डेय (महासचिव कु. भा. सा. एवं सांस्कृतिक समिति)), अमर चंद (संस्थापक, अमर संदेश न्यूज़), द्वारिका प्रसाद चमोली (वरिष्ठ समाजसेवी, दिव्य पहाड़ न्यूज़), दीवान कार्की वरिष्ठ पत्रकार, बहादुर सिंह बिष्ट कुमाउनी कवि, भूपाल सिंह बिष्ट जी रंगकर्मी , सुधीर पंत , दिनेश जोशी , शिव दत्त मिश्रा , एन.डी जोशी ,पूरनचंद्र देवतला, नंदन सिंह बिष्ट सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।
साथ ही दिल्ली-एनसीआर में रह रहे ग्राम चमतोला के प्रवासी जन, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी, समाजसेवी एवं स्थानीय सहयोगियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर स्वर्गीय किशन सिंह भैंसोड़ा को श्रद्धांजलि अर्पित की और कुमाऊँनी सांस्कृतिक परंपरा के संरक्षण हेतु अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में धन सिंह भैंसोड़ा, किशन सिंह बिष्ट, गणेश सिंह गैड़ा, सुरेश विनोली, खुशाल सिंह भैंसोड़ा, योगेश जोशी, रमेश बिष्ट, भरत सिंह भैंसोड़ा, पूरन सिंह भैंसोड़ा, आनंद सिंह अधिकारी, हरीश सिंह भैंसोड़ा, मदन सिंह भैंसोड़ा , पदम सिंह भैंसोड़ा, हेमराज जोशी,हयात सिंह राणा, जगत सिंह पपोला, खीम सिंह भैंसोड़ा, दीपक सिंह बिष्ट, रोशन सिंह भैंसोड़ा, जीवन सिंह रावत, मोनिका भैंसोड़ा , रिया बिष्ट ,मंजू भैंसोड़ा ,अनुज भैंसोड़ा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने स्वर्गीय किशन सिंह भैंसोड़ा को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शोंशिक्षा, सेवा और ईमानदारी—को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। समारोह का समापन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस आयोजन का सफल मंचसंचालक नीरज बावड़ी द्वारा बड़े ही खुबसूरत ढंग से किया गया।
Like this:
Like Loading...
Related