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केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गिनाईं उपलब्धियां, कहा 20% इथेनॉल ब्लेंडिंग से देश को अरबों डॉलर की बचत
Amar sandesh दिल्ली/गोवा।गोवा की राजधानी पणजी में आयोजित इंडिया एनर्जी वीक 2026 का आज भव्य शुभारंभ हुआ। भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित इस वैश्विक ऊर्जा सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से किया। इस अवसर पर देश-विदेश से ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े नीति-निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, राजनयिक, विशेषज्ञ एवं निवेशक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वर्चुअल संबोधन में कहा कि भारत आज ऊर्जा क्षेत्र में अवसरों की भूमि बन चुका है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्था है, जिसके कारण यहां ऊर्जा उत्पादों की मांग निरंतर बढ़ रही है। इसके साथ ही भारत वैश्विक ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भी एक विश्वसनीय और सक्षम भागीदार के रूप में उभर रहा है।
प्रधानमंत्री ने हाल ही में संपन्न भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते का उल्लेख करते हुए इसे ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत और यूरोप दोनों की आर्थिक मजबूती और वैश्विक प्रासंगिकता को दर्शाता है। यह करार न केवल भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती देगा, बल्कि सेवा क्षेत्र के विस्तार में भी अहम भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समझौता वैश्विक जीडीपी के लगभग 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार के करीब एक-तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है तथा लोकतंत्र और नियम आधारित वैश्विक व्यवस्था के प्रति साझा प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज पेट्रोलियम उत्पादों के शीर्ष निर्यातक देशों में शामिल है और देश के उत्पाद 150 से अधिक देशों तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत शीघ्र ही दुनिया का एक प्रमुख तेल रिफाइनिंग हब बनने की दिशा में अग्रसर है, जहां रिफाइनिंग क्षमता को वर्तमान स्तर से बढ़ाकर 300 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष से अधिक किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ऊर्जा क्षेत्र में निरंतर सुधार कर रहा है और यह सेक्टर लगभग 500 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश अवसर प्रदान करता है।
इंडिया एनर्जी वीक 2026 को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि यह आयोजन वैश्विक ऊर्जा संवाद और सहयोग का एक प्रभावशाली मंच बन चुका है। यह सम्मेलन 30 जनवरी तक चलेगा, जिसमें हजारों ऊर्जा पेशेवर, सैकड़ों प्रदर्शक और विशेषज्ञ विभिन्न सत्रों में भाग लेकर तेल-गैस, नवीकरणीय ऊर्जा, हाइड्रोजन, बायोफ्यूल, डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नेट-ज़ीरो लक्ष्यों पर मंथन करेंगे।
इस अवसर पर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत ने इथेनॉल सप्लाई ईयर 2025 में लगभग 20 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य हासिल कर लिया है। उन्होंने बताया कि इस पहल से पिछले एक दशक में देश को लगभग 19.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा बचत हुई है, वहीं किसानों को 15 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का प्रत्यक्ष भुगतान किया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने देश की भविष्य की ऊर्जा जरूरतों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष 2050 तक वैश्विक ऊर्जा मांग में भारत की हिस्सेदारी में उल्लेखनीय वृद्धि होने का अनुमान है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ऊर्जा मिश्रण के सभी क्षेत्रों में क्षमता विस्तार पर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि भारत 2047 तक अपनी परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 गीगावॉट तक ले जाने की दिशा में भी योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत का ऊर्जा क्षेत्र पारंपरिक संसाधनों के साथ-साथ ग्रीन और वैकल्पिक ऊर्जा की ओर तेजी से अग्रसर है और इंडिया एनर्जी वीक जैसे आयोजन इस परिवर्तन को वैश्विक मंच पर मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
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