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कोलकाता। हिंदी विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति प्रोफेसर नंदिनी साहू के नेतृत्व में शैक्षणिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिली है। उनके आगमन के बाद विश्वविद्यालय में एक सकारात्मक और उत्साहपूर्ण वातावरण का निर्माण हुआ है, जिससे शिक्षकों और विद्यार्थियों में रचनात्मक कार्यों के प्रति नई प्रेरणा दिखाई दे रही है।
कुलपति प्रोफेसर नंदिनी साहू के कार्यकाल में पहली बार विश्वविद्यालय की ‘हुजिस’ पत्रिका के संपादन का कार्य प्रारंभ किया गया। इसके साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में हिंदी दिवस का आयोजन भी किया गया, जिसमें विभिन्न संकायों के अतिथि प्राध्यापकों और प्राध्यापिकाओं को अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
उनके नेतृत्व में पहली बार तुलनात्मक विश्व साहित्य विषय पर ऑनलाइन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में देश के विभिन्न राज्यों से जुड़े विद्वानों ने भाग लेकर अपने विचार साझा किए और विद्यार्थियों को विश्व साहित्य की विविध धाराओं से परिचित कराया।
इसी क्रम में पश्चिम बंगाल में आयोजित संगोष्ठी के दौरान व्यवहार कौशल और कैरियर विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी गंभीर चर्चा की गई, जिससे विद्यार्थियों को अपने भविष्य के लिए उपयोगी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
कुलपति के प्रयासों से विश्वविद्यालय में समाचार पत्र की शुरुआत भी की गई। साथ ही उनके मार्गदर्शन में पहली बार अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस का आयोजन हुआ, जिसमें विद्यार्थियों और शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर अनेक विद्यार्थियों ने अपनी-अपनी मातृभाषाओं में कविता और गीत प्रस्तुत कर भाषाई विविधता का सुंदर उदाहरण पेश किया।
विश्वविद्यालय परिसर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन भी किया गया, जिसमें महिलाओं की भूमिका, उपलब्धियों और सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
कुलपति प्रोफेसर नंदिनी साहू के निर्देशन में एक दिवसीय अनुवाद कार्यशाला का आयोजन भी किया गया। इस कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों को वर्तमान समय में अनुवाद की बढ़ती प्रासंगिकता और महत्व से अवगत कराया गया।
आज विश्वविद्यालय में प्रोफेसर नंदिनी साहू शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं।उनकी कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता के कारण विश्वविद्यालय में रचनात्मक और शैक्षणिक गतिविधियों का विस्तार हुआ है। उनके मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय के शिक्षक, शिक्षिकाएं और विद्यार्थी नई ऊर्जा के साथ ज्ञान और साहित्य के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं।
कुलपति प्रोफेसर नंदिनी साहू के नेतृत्व में हिंदी विश्वविद्यालय के सर्वांगीण विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। नई शैक्षणिक पहल और रचनात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से विश्वविद्यालय में शिक्षा और शोध के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं।
लेखक: डॉ रेखा कुमारी त्रिपाठी
अतिथि प्राध्यापिका, हिंदी विश्वविद्यालय कोलाकात
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