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132 साल की विरासत, डिजिटल भविष्य की उड़ान: पीएनबी ने बनाया ₹1 लाख करोड़ डिजिटल स्वीकृति का रिकॉर्ड

अमर चंद्र

यशोभूमि नई दिल्ली।देश के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में शामिल पंजाब नेशनल बैंक ने अपना 132वां स्थापना दिवस यशोभूमि, नई दिल्ली में भव्य और गरिमामय समारोह के साथ मनाया।

यह आयोजन बैंक की मजबूत विरासत, भरोसे और डिजिटल नवाचार की दिशा में तेज़ी से बढ़ते कदमों का प्रतीक बना।

कार्यक्रम में बैंक के एमडी एवं सीईओ अशोक चंद्र ने पीएनबी परिवार को बधाई देते हुए कहा कि बैंक ने अपनी उन्नत डिजिटल क्षमताओं के दम पर ₹1 लाख करोड़ की डिजिटल ऋण स्वीकृति हासिल कर ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। यह उपलब्धि तेज़, सुरक्षित और सुलभ क्रेडिट समाधान देने की दिशा में बैंक की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराज ने अपने संबोधन में कहा कि लाला लाजपत राय की दूरदर्शी सोच आज भी पीएनबी की प्रेरणा है। उन्होंने एक सूत्र में बैंक की यात्रा को समेटते हुए कहा कि ₹20,000 की छोटी शुरुआत से लेकर लगभग ₹30 लाख करोड़ के विशाल कारोबार तक का सफर, भारत की आर्थिक प्रगति और विश्वास की कहानी को दर्शाता है।

इस अवसर पर लाला लाजपत राय को श्रद्धांजलि अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।

समारोह के दौरान बैंक ने 22 नए उत्पादों और पहलों की शुरुआत की, जिनमें रिटेल बैंकिंग, एमएसएमई, कृषि वित्तपोषण, डिजिटल सेवाएं, कर्मचारी विकास और सस्टेनेबिलिटी से जुड़े कई नवाचार शामिल रहे। डिजी एमएसएमई प्राइम, डिजी एग्री प्राइम प्लस, डिजी गोल्ड लोन जैसे उत्पादों के साथ-साथ डिजिटल क्रेडिट स्कोर इंटीग्रेशन और गिफ्ट सिटी प्लेटफॉर्म जैसे कदम बैंक के तकनीकी विस्तार को दर्शाते हैं।

इस उत्सव में पीएनबी की समृद्ध विरासत और भविष्य के दृष्टिकोण का सम्मान करने के लिए प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति, वरिष्ठ नेतृत्व, कर्मचारी और हितधारक एक साथ आए.

इस कार्यक्रम की गरिमा मुख्य अतिथि एम. नागराजू, सचिव, डीएफएस, हरि हर मिश्रा, अपर सचिव, डीएफएस व डीएफएस, आरबीआई और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के उच्च अधिकारियों के साथ-साथ बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने बढ़ाई।

इस आयोजन के अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, गणेश वंदना और लघु नाटकों के माध्यम से पीएनबी परिवार की एकजुटता और राष्ट्रीय भावना को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।इस संध्या का समापन सोनू निगम की एक शानदार संगीतमय प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और उत्सव के उत्साह को चरम पर पहुँचा दिया. कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत लघु नाटकों, बैंड प्रदर्शन और शास्त्रीय नृत्य ने पीएनबी परिवार की रचनात्मक भावना को और अधिक प्रदर्शित किया.

पीएनबी ने स्पष्ट किया कि वह डिजिटल परिवर्तन, सस्टेनेबिलिटी और ग्राहक-केंद्रित नवाचारों पर फोकस रखते हुए देश की आर्थिक प्रगति में अपनी भूमिका को और सशक्त बनाएगा। “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए बैंक समावेशी विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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